Saturday, January 30, 2016
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अशोक, तुम्हारे हत्यारे हम हैं...
अशोक से खरीदा गया वो आखिरी पेन आज हाथ में है, लेकिन उससे कुछ लिखने का मन नहीं है। अशोक... जिसे कोई शोक न हो। यही सोच कर नामकरण किया होगा उसक...
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काली, जी हां! यही नाम था उसका। कभी वह अपने नाम के अनुरूप ही कोयले की तरह काली थी...लेकिन उसके ऊपर झलकती सफेदी चुगली करने लगी थी कि अब वह...
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दसवां विश्व हिंदी सम्मेलन अब इतने करीब आ गया है कि दिन गिनने के लिए उंगलियों की भी जरूरत नहीं है...करोड़ों रूपए खर्च कर हो रहे इस म...
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ये मारीशस या किसी अफ्रीकी देश से अपने पूर्वजों की जमीन की तलाश में आने वाले राजनेता का मामला नहीं है, जो पॉजीटिव न्यूज बने। ये तो उस शेरखा...
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