Tuesday, February 9, 2016

मंत्रालय एक्सप्रेस....बंद दरवाजों के भीतर की खबर

https://youtu.be/gwjy1BKY8go

No comments:

अशोक, तुम्हारे हत्यारे हम हैं...

अशोक से खरीदा गया वो आखिरी पेन आज हाथ में है, लेकिन उससे कुछ लिखने का मन नहीं है। अशोक... जिसे कोई शोक न हो। यही सोच कर नामकरण किया होगा उसक...