Sunday, November 18, 2018

साले संजय सिंह को हराने वोट मांगेंगे शिवराज



 सूबे की चुनावी जंग का सबसे रोचक मुकाबला 21 नवंबर को वारासिवनी में

 योगी आदित्यनाथ और उमा भारती के साथ अमित शाह भी ठोकेंगे ताल


विधानसभा चुनाव में प्रचार का सबसे रोचक मुकाबला 21 नवंबर को होने जा रहा है, जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहली बार अपने साले संजय सिंह मसानी के खिलाफ जनता के बीच जाकर बोलेंगे। इस दौरे में शिवराज के साथ उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी होंगे। अभी तक संजय के मामले में खामोश रहे चौहान अपनी इस सभा में उनको हराने और भाजपा प्रत्याशी को जिताने की अपील करेंगे।
चुनाव प्रचार के दौरान हेलीकॉप्टर में घर से आया भोजन करते शिवराज
मुख्यमंत्री के करीबी रहे उनके साले संजय सिंह मसानी बालाघाट जिले की वारासिवनी सीट के भाजपा का टिकट चाहते थे, पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया तो वे कांग्रेस में शामिल हो गए और प्रदेश को शिवराज नहीं कमलनाथ जैसे मुख्यमंत्री की जरूरत है कह कर राजनीतिक सनसनी मचा दी थी। कांग्रेस ने भी उनके इस त्याग को ध्यान में रख कर अपने दमदार प्रत्याशी और पूर्व विधायक एवं पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप जायसवाल को अनदेखा कर संजय को उम्मीदवार बनाया। अब वारासिवनी में संजय अपनी जीत के साथ राजनीतिक जमीन तलाश रहे हैं। इस क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे संजय के कांग्रेस से चुनाव लडऩे के कारण भाजपा प्रत्याशी डा. योगेंद्र निर्मल भी मुश्किल में फंस गए हैं।

मुख्यमंत्री हाल ही में 15 नवंबर को बालाघाट जिले की तीन विधानसभा सीट परसवाड़ा, कटंगी और लांजी में चुनावी सभाएं ले चुके हैं। लोगों को उम्मीद थी कि उनकी जिले की पहली चुनावी सभा वारासिवनी में भाजपा और शिवराज को निशाने पर रख रहे संजय के खिलाफ होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जिले के वारासिवनी मे सीएम की डिमांड आने के बाद अब 21 नवंबर को मुख्यमंत्री अपने साले के खिलाफ चुनाव प्रचार के लिए पहुंच रहे हैं। इस क्षेत्र में पार्टी उनके साथ यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को भी उतार रही है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी 23 तारीख को बालाघाट में सभा लेकर जिले की सभी छह सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने की अपील करेंगे। इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री उमा भारती को लोधी मतदाताओं के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में उतारा जाएगा।
चतुष्कोणीय मुकाबले में वारासिवनी
दस उम्मीदवार वाली वारासिवनी सीट पर मुकाबला चतुष्कोणीय हो गया है। भाजपा विधायक और प्रत्याशी योगेंद्र निर्मल के खिलाफ पार्टी के बागी युवा नेता गौरव पारधी हैं तो कांग्रेस प्रत्याशी संजय सिंह की मुश्किल पूर्व विधायक और जिलाध्यक्ष प्रदीप जायसवाल मैदान में निर्दलीय उतर कर बढ़ा रहे हैं।  


क्षेत्र की जनता मेरे साथ है और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता भी पूरी तरह पार्टी की सरकार बनाने के लिए सहयोग कर रहे हैं। जहां तक भाजपा छोडऩे का सवाल है तो मैंने भाजपा से टिकट मांगा था तब मुख्यमंत्री जी ने टिकट देने में असमर्थता जताई थी और कहा था कि आप अपना निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हो। इसलिए जो मुझे उचित लगा वो निर्णय लिया।       संजय सिंह मसानी, कांग्रेस प्रत्याशी वारासिवनी



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